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बिहारदरभंगा

दरभंगा में विधिक सेवा प्रशिक्षण: जानें कैसे मिलेगा लाभ!

मानसिक रोगियों और बच्चों के लिए विधिक सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम दरभंगा में आयोजित हुआ, जिसमें NALSA द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाएगी।

दरभंगा में मानसिक रोगियों के लिए दो दिवसीय विधिक सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम

दरभंगा, 17 जनवरी 2025 – मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए गठित विधिक सेवा इकाई के सदस्यों हेतु एक दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री विनोद कुमार तिवारी ने महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया और बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) का ध्येय वाक्य “न्याय सबके लिए” है।

मुख्य उद्देश्य और योजनाएं

श्री तिवारी ने कहा कि NALSA समाज के पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों के नागरिकों को विशेष विधिक सेवा उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाओं का निर्माण कर उसे लागू कर रहा है। यह प्रयास उन व्यक्तियों के लिए है जिन्हें समाज में न्याय और सहायता की सबसे ज्यादा आवश्यकता है।

  • NALSA द्वारा लागू की गई योजनाओं के तहत पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सेवा मुहैया कराई जा रही है।
  • विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है कि जरूरतमंदों को सस्ता, सुलभ और सक्षम न्याय उपलब्ध हो।

समापन समारोह की प्रमुख बातें

समापन समारोह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रंंजन देव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्राधिकरण जरूरतमंदों को सस्ता और सक्षम न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम मानसिक रोगियों और बच्चों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, ताकि उन्हें उनके अधिकारों और न्याय की जानकारी मिल सके।

  • विधिक सेवा इकाई ने मानसिक रोगियों और बच्चों के लिए एक विशेष विधिक सेवा इकाई बनाई है।
  • इन इकाइयों के सदस्य अब नियमानुसार कार्य करेंगे और समाज के कमजोर वर्गों को सही दिशा में विधिक सहायता प्रदान करेंगे।

संबंधित योजनाएं और प्रशिक्षण

इस कार्यक्रम के दौरान NALSA और BALSA योजनाओं के तहत पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।

  • मानसिक रोगियों के मामलों में विधिक सहायता मुहैया कराने के लिए विधिक सेवा इकाई के सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है।
  • मानसिक रोग के कारण, लक्षण, पहचान, परामर्श और सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

विशेषज्ञों का योगदान

कार्यक्रम में डिप्टी चीफ लीगल एडवोकेट श्री वीरेंद्र कुमार झा और अन्य रिसोर्स पर्सन ने मानसिक रोग के लक्षण, पहचान और उससे संबंधित विधिक उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक रोगियों को सही समय पर विधिक सहायता और परामर्श मिलना बेहद जरूरी है, ताकि उनके अधिकारों का उल्लंघन न हो।

किसी भी मानसिक रोगी को न्याय मिलने में कोई रुकावट न आए, इसके लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित होगा।

प्रमुख अतिथि और उपस्थित लोग

कार्यक्रम में बीएमवीएस रवि कुमार, काउंसलर डॉ. शंकर कुमार यादव और डॉ. रमेश कुमार पाठक सहित विधिक सेवा इकाई के पैनल अधिवक्ता सदस्य एवं पीएलवी सदस्य मौजूद थे।

निष्कर्ष

इस दो दिवसीय कार्यक्रम ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए विधिक सहायता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब मानसिक रोगी और बच्चे अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और उन्हें उनकी स्थिति के अनुकूल विधिक सहायता प्राप्त होगी।

  • NALSA के द्वारा चलाए जा रहे विधिक सेवा कार्यक्रम से मानसिक रोगियों के जीवन में सुधार लाने की उम्मीद है।
  • विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक न्याय पहुंचाना है।

“न्याय सबके लिए” – यही NALSA का मूल उद्देश्य है, और इसे लागू करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन न केवल मानसिक रोगियों के लिए न्याय की राह खोलता है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी करता है।

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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